हललगभग pKa मान: ऐसीटिक अम्ल 4.8, p-नाइट्रोफ़ीनॉल 7.2, फ़ीनॉल 10, एथेनॉल 16। कम pKa का अर्थ प्रबल अम्ल है।
आम गलतीयह मानना कि नाइट्रो समूह p-नाइट्रोफ़ीनॉल को कार्बोक्सिलिक अम्ल से भी प्रबल बना देता है।
ऐमीनमध्यम
प्रश्न 7. बेंज़ैमाइड को Br₂ और जलीय NaOH के साथ गर्म किया जाता है। उत्पाद क्या है?
बेंज़िलऐमीन
ऐनिलीन
बेंज़ोइक अम्ल
ब्रोमोबेंज़ीन
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उत्तर: (B) ऐनिलीन
हलयह हॉफमान ब्रोमामाइड निम्नीकरण है। ऐमाइड अपना कार्बोनिल कार्बन CO₃²⁻ के रूप में खो देता है, जिससे एक कार्बन कम वाला ऐमीन बनता है: C₆H₅CONH₂ → C₆H₅NH₂।
आम गलतीबेंज़िलऐमीन में अतिरिक्त कार्बन बना रहता है। हॉफमान अभिक्रिया उसे हटा देती है।
जैव-अणुमध्यम
प्रश्न 8. ग्लूकोस को HI के साथ लंबे समय तक गर्म किया जाता है। उत्पाद क्या है?
n-हेक्सेन
ग्लूकोनिक अम्ल
सॉर्बिटॉल
ग्लूकेरिक अम्ल
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उत्तर: (A) n-हेक्सेन
हलHI के साथ लंबे समय तक गर्म करने पर सभी –OH और –CHO समूह अपचयित हो जाते हैं और n-हेक्सेन बनता है। इससे सिद्ध होता है कि ग्लूकोस में छह कार्बन की सीधी शृंखला है। (ग्लूकेरिक अम्ल नाइट्रिक अम्ल से बनता है।)
आम गलतीग्लूकोनिक अम्ल ब्रोमीन जल (ऑक्सीकरण) से बनता है, HI से नहीं।
हैलोऐल्केनआसान
प्रश्न 9. 2-ब्रोमोब्यूटेन को ऐल्कोहॉली KOH के साथ गर्म किया जाता है। मुख्य उत्पाद क्या है?
ब्यूट-1-ईन
ब्यूट-2-ईन
ब्यूटेन-2-ऑल
ब्यूटेन
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उत्तर: (B) ब्यूट-2-ईन
हलऐल्कोहॉली KOH विलोपन कराता है। सेत्ज़ेफ नियम के अनुसार अधिक प्रतिस्थापित (अधिक स्थायी) ऐल्कीन, ब्यूट-2-ईन, मुख्य उत्पाद है।
आम गलतीब्यूटेन-2-ऑल जलीय KOH (प्रतिस्थापन) से बनता है, ऐल्कोहॉली KOH से नहीं।
हैलोऐल्केनमध्यम
प्रश्न 10. SN2 अभिक्रिया के प्रति अभिक्रियाशीलता का सही क्रम क्या है?
हलSN2 में नाभिकस्नेही पीछे से आक्रमण करता है। भारी समूह यह रास्ता रोकते हैं, अतः सबसे कम भीड़ वाला मेथिल ब्रोमाइड सबसे तेज़ और तृतीयक ब्रोमाइड सबसे धीमा अभिक्रिया करता है।
आम गलतीउलटा क्रम SN1 के लिए सही है, जो कार्बधनायन से होकर चलती है।
ऐल्डिहाइड और कीटोनआसान
प्रश्न 11. सांद्र NaOH के साथ फॉर्मेल्डिहाइड (HCHO) की कैनिज़ारो अभिक्रिया के उत्पाद क्या हैं?
मेथेनॉल और सोडियम फॉर्मेट
एथेनॉल और सोडियम ऐसीटेट
केवल मेथेनॉल
केवल फॉर्मिक अम्ल
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उत्तर: (A) मेथेनॉल और सोडियम फॉर्मेट
हलएक HCHO अणु अपचयित होकर मेथेनॉल और दूसरा ऑक्सीकृत होकर फॉर्मेट (क्षार में HCOONa) बनता है। यह स्व-ऑक्सीकरण-अपचयन है।
आम गलतीएक ही उत्पाद की अपेक्षा करना। कैनिज़ारो में हमेशा एक ऐल्कोहॉल और एक कार्बोक्सिलेट साथ बनते हैं।
कार्बनिक रसायन के सामान्य सिद्धांतआसानसंख्यात्मक
प्रश्न 12. बेंज़ीन, C₆H₆ की असंतृप्तता की कोटि (द्विआबंध तुल्यांक) क्या है?
संख्यात्मक प्रश्न: उत्तर लिखना है, कोई विकल्प नहीं।
उत्तर और हल देखें
उत्तर: 4
हलDBE = C − H/2 + 1 = 6 − 3 + 1 = 4। यानी एक वलय और तीन द्विआबंध।
आम गलतीवलय भूलकर केवल द्विआबंध गिनने पर 3 आता है।
ऐरोमैटिक यौगिकआसान
प्रश्न 13. बेंज़ीन वलय पर कौन-सा प्रतिस्थापी आने वाले इलेक्ट्रॉनस्नेही को मेटा स्थिति की ओर निर्देशित करता है?
–CH₃
–OH
–NO₂
–Cl
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उत्तर: (C) –NO₂
हल–NO₂ अनुनाद द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचता है, जिससे ऑर्थो और पैरा स्थितियाँ विशेष रूप से इलेक्ट्रॉन-न्यून हो जाती हैं। अतः आक्रमण मेटा पर होता है।
आम गलतीवलय को निष्क्रिय करने के कारण –Cl चुनना। हैलोजन निष्क्रिय करते हैं पर ऑर्थो/पैरा निर्देशित करते हैं।
ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल और अम्लमध्यम
प्रश्न 14. कौन-सा अभिकर्मक प्राथमिक ऐल्कोहॉल को ऐल्डिहाइड में ऑक्सीकृत करता है, उसे आगे कार्बोक्सिलिक अम्ल तक नहीं ले जाता?
अम्लीय KMnO₄
अम्लीय K₂Cr₂O₇ (आधिक्य में)
PCC
सांद्र HNO₃
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उत्तर: (C) PCC
हलपिरिडिनियम क्लोरोक्रोमेट (PCC) एक मृदु ऑक्सीकारक है जो अजलीय विलायक में प्रयोग होता है, इसलिए अभिक्रिया ऐल्डिहाइड पर रुक जाती है।
आम गलतीKMnO₄ जैसे प्रबल जलीय ऑक्सीकारक ऑक्सीकरण को कार्बोक्सिलिक अम्ल तक ले जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस पेज पर कार्बनिक रसायन के कौन-से अध्याय हैं?
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क्या ये JEE के पिछले वर्षों के प्रश्न हैं?
नहीं। ये नवीनतम पैटर्न पर लिखे गए मौलिक JEE Main स्तर के अभ्यास प्रश्न हैं, हर प्रश्न के हल और आम गलती के साथ।