रसायन विज्ञान · मुफ़्त अभ्यास

JEE Main कार्बनिक रसायन: अभ्यास प्रश्न हल सहित

14 प्रश्न। पहले खुद हल करें, फिर हल देखें।

सुझाव: हल देखने से पहले कागज़ पर प्रश्न हल करें। हल खोलने पर वह प्रश्न अभ्यास किया हुआ माना जाएगा और आपके HeyGyan टेस्ट में दोबारा नहीं आएगा।
कार्बनिक रसायन के सामान्य सिद्धांतमध्यम

प्रश्न 1. कौन-सा कार्बधनायन सबसे अधिक स्थायी है?

  1. (CH₃)₃C⁺
  2. C₆H₅CH₂⁺
  3. (C₆H₅)₃C⁺
  4. CH₂=CH–CH₂⁺
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (C) (C₆H₅)₃C⁺

हलट्राइफेनिलमेथिल धनायन अपने धन आवेश को अनुनाद द्वारा तीन बेंज़ीन वलयों पर फैला देता है, जो किसी भी अन्य विकल्प से अधिक विस्थानीकरण है।
आम गलतीतृतीयक-ब्यूटिल चुनना, जो केवल अतिसंयुग्मन से स्थायी होता है।
हाइड्रोकार्बनआसान

प्रश्न 2. बेंज़ॉयल परॉक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन HBr से अभिक्रिया करती है। मुख्य उत्पाद क्या है?

  1. 2-ब्रोमोप्रोपेन
  2. 1-ब्रोमोप्रोपेन
  3. 1,2-डाइब्रोमोप्रोपेन
  4. प्रोपेन-2-ऑल
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (B) 1-ब्रोमोप्रोपेन

हलपरॉक्साइड मुक्त-मूलक (प्रति-मार्कोनीकॉफ) योग कराता है, जिसे खराश प्रभाव कहते हैं। Br सिरे वाले कार्बन पर जुड़ता है, जिससे 1-ब्रोमोप्रोपेन बनता है।
आम गलती2-ब्रोमोप्रोपेन परॉक्साइड के बिना (मार्कोनीकॉफ योग) बनता है।
समावयवतामध्यमसंख्यात्मक

प्रश्न 3. अणुसूत्र C₄H₁₀O वाले कितने संरचनात्मक समावयवी ऐल्कोहॉल हैं? (ईथर और त्रिविम समावयवी छोड़ दें।)

संख्यात्मक प्रश्न: उत्तर लिखना है, कोई विकल्प नहीं।

उत्तर और हल देखें

उत्तर: 4

हलब्यूटेन-1-ऑल, ब्यूटेन-2-ऑल, 2-मेथिलप्रोपेन-1-ऑल और 2-मेथिलप्रोपेन-2-ऑल: 4 ऐल्कोहॉल। (3 ईथरों के साथ C₄H₁₀O के कुल 7 संरचनात्मक समावयवी हैं।)
आम गलतीईथरों को जोड़कर 7 उत्तर देना।
ऐल्डिहाइड और कीटोनआसान

प्रश्न 4. कौन-सा यौगिक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है?

  1. मेथेनॉल
  2. पेंटेन-3-ओन
  3. पेंटेन-2-ओन
  4. बेंज़ैल्डिहाइड
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (C) पेंटेन-2-ओन

हलआयोडोफॉर्म परीक्षण के लिए CH₃–CO– समूह (या CH₃–CH(OH)–) चाहिए। पेंटेन-2-ओन में CH₃–CO– है; पेंटेन-3-ओन में दोनों ओर एथिल समूह हैं।
आम गलतीयह मानना कि हर कीटोन यह परीक्षण देता है।
ऐल्डिहाइड और कीटोनआसान

प्रश्न 5. कौन-सा यौगिक ऐल्डोल संघनन नहीं दे सकता?

  1. एथेनैल
  2. प्रोपेनैल
  3. प्रोपेनोन
  4. बेंज़ैल्डिहाइड
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (D) बेंज़ैल्डिहाइड

हलऐल्डोल संघनन के लिए α-हाइड्रोजन चाहिए। बेंज़ैल्डिहाइड में यह नहीं है (CHO सीधे वलय से जुड़ा है), इसलिए यह कैनिज़ारो अभिक्रिया देता है।
आम गलतीऐल्डिहाइड हाइड्रोजन को α-हाइड्रोजन गिन लेना।
ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल और अम्लमध्यम

प्रश्न 6. अम्लीय सामर्थ्य का सही क्रम क्या है?

  1. ऐसीटिक अम्ल > p-नाइट्रोफ़ीनॉल > फ़ीनॉल > एथेनॉल
  2. p-नाइट्रोफ़ीनॉल > ऐसीटिक अम्ल > फ़ीनॉल > एथेनॉल
  3. फ़ीनॉल > ऐसीटिक अम्ल > p-नाइट्रोफ़ीनॉल > एथेनॉल
  4. ऐसीटिक अम्ल > फ़ीनॉल > p-नाइट्रोफ़ीनॉल > एथेनॉल
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (A) ऐसीटिक अम्ल > p-नाइट्रोफ़ीनॉल > फ़ीनॉल > एथेनॉल

हललगभग pKa मान: ऐसीटिक अम्ल 4.8, p-नाइट्रोफ़ीनॉल 7.2, फ़ीनॉल 10, एथेनॉल 16। कम pKa का अर्थ प्रबल अम्ल है।
आम गलतीयह मानना कि नाइट्रो समूह p-नाइट्रोफ़ीनॉल को कार्बोक्सिलिक अम्ल से भी प्रबल बना देता है।
ऐमीनमध्यम

प्रश्न 7. बेंज़ैमाइड को Br₂ और जलीय NaOH के साथ गर्म किया जाता है। उत्पाद क्या है?

  1. बेंज़िलऐमीन
  2. ऐनिलीन
  3. बेंज़ोइक अम्ल
  4. ब्रोमोबेंज़ीन
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (B) ऐनिलीन

हलयह हॉफमान ब्रोमामाइड निम्नीकरण है। ऐमाइड अपना कार्बोनिल कार्बन CO₃²⁻ के रूप में खो देता है, जिससे एक कार्बन कम वाला ऐमीन बनता है: C₆H₅CONH₂ → C₆H₅NH₂।
आम गलतीबेंज़िलऐमीन में अतिरिक्त कार्बन बना रहता है। हॉफमान अभिक्रिया उसे हटा देती है।
जैव-अणुमध्यम

प्रश्न 8. ग्लूकोस को HI के साथ लंबे समय तक गर्म किया जाता है। उत्पाद क्या है?

  1. n-हेक्सेन
  2. ग्लूकोनिक अम्ल
  3. सॉर्बिटॉल
  4. ग्लूकेरिक अम्ल
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (A) n-हेक्सेन

हलHI के साथ लंबे समय तक गर्म करने पर सभी –OH और –CHO समूह अपचयित हो जाते हैं और n-हेक्सेन बनता है। इससे सिद्ध होता है कि ग्लूकोस में छह कार्बन की सीधी शृंखला है। (ग्लूकेरिक अम्ल नाइट्रिक अम्ल से बनता है।)
आम गलतीग्लूकोनिक अम्ल ब्रोमीन जल (ऑक्सीकरण) से बनता है, HI से नहीं।
हैलोऐल्केनआसान

प्रश्न 9. 2-ब्रोमोब्यूटेन को ऐल्कोहॉली KOH के साथ गर्म किया जाता है। मुख्य उत्पाद क्या है?

  1. ब्यूट-1-ईन
  2. ब्यूट-2-ईन
  3. ब्यूटेन-2-ऑल
  4. ब्यूटेन
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (B) ब्यूट-2-ईन

हलऐल्कोहॉली KOH विलोपन कराता है। सेत्ज़ेफ नियम के अनुसार अधिक प्रतिस्थापित (अधिक स्थायी) ऐल्कीन, ब्यूट-2-ईन, मुख्य उत्पाद है।
आम गलतीब्यूटेन-2-ऑल जलीय KOH (प्रतिस्थापन) से बनता है, ऐल्कोहॉली KOH से नहीं।
हैलोऐल्केनमध्यम

प्रश्न 10. SN2 अभिक्रिया के प्रति अभिक्रियाशीलता का सही क्रम क्या है?

  1. CH₃Br > CH₃CH₂Br > (CH₃)₂CHBr > (CH₃)₃CBr
  2. (CH₃)₃CBr > (CH₃)₂CHBr > CH₃CH₂Br > CH₃Br
  3. CH₃CH₂Br > CH₃Br > (CH₃)₂CHBr > (CH₃)₃CBr
  4. सभी समान वेग से अभिक्रिया करते हैं
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (A) CH₃Br > CH₃CH₂Br > (CH₃)₂CHBr > (CH₃)₃CBr

हलSN2 में नाभिकस्नेही पीछे से आक्रमण करता है। भारी समूह यह रास्ता रोकते हैं, अतः सबसे कम भीड़ वाला मेथिल ब्रोमाइड सबसे तेज़ और तृतीयक ब्रोमाइड सबसे धीमा अभिक्रिया करता है।
आम गलतीउलटा क्रम SN1 के लिए सही है, जो कार्बधनायन से होकर चलती है।
ऐल्डिहाइड और कीटोनआसान

प्रश्न 11. सांद्र NaOH के साथ फॉर्मेल्डिहाइड (HCHO) की कैनिज़ारो अभिक्रिया के उत्पाद क्या हैं?

  1. मेथेनॉल और सोडियम फॉर्मेट
  2. एथेनॉल और सोडियम ऐसीटेट
  3. केवल मेथेनॉल
  4. केवल फॉर्मिक अम्ल
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (A) मेथेनॉल और सोडियम फॉर्मेट

हलएक HCHO अणु अपचयित होकर मेथेनॉल और दूसरा ऑक्सीकृत होकर फॉर्मेट (क्षार में HCOONa) बनता है। यह स्व-ऑक्सीकरण-अपचयन है।
आम गलतीएक ही उत्पाद की अपेक्षा करना। कैनिज़ारो में हमेशा एक ऐल्कोहॉल और एक कार्बोक्सिलेट साथ बनते हैं।
कार्बनिक रसायन के सामान्य सिद्धांतआसानसंख्यात्मक

प्रश्न 12. बेंज़ीन, C₆H₆ की असंतृप्तता की कोटि (द्विआबंध तुल्यांक) क्या है?

संख्यात्मक प्रश्न: उत्तर लिखना है, कोई विकल्प नहीं।

उत्तर और हल देखें

उत्तर: 4

हलDBE = C − H/2 + 1 = 6 − 3 + 1 = 4। यानी एक वलय और तीन द्विआबंध।
आम गलतीवलय भूलकर केवल द्विआबंध गिनने पर 3 आता है।
ऐरोमैटिक यौगिकआसान

प्रश्न 13. बेंज़ीन वलय पर कौन-सा प्रतिस्थापी आने वाले इलेक्ट्रॉनस्नेही को मेटा स्थिति की ओर निर्देशित करता है?

  1. –CH₃
  2. –OH
  3. –NO₂
  4. –Cl
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (C) –NO₂

हल–NO₂ अनुनाद द्वारा इलेक्ट्रॉन खींचता है, जिससे ऑर्थो और पैरा स्थितियाँ विशेष रूप से इलेक्ट्रॉन-न्यून हो जाती हैं। अतः आक्रमण मेटा पर होता है।
आम गलतीवलय को निष्क्रिय करने के कारण –Cl चुनना। हैलोजन निष्क्रिय करते हैं पर ऑर्थो/पैरा निर्देशित करते हैं।
ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल और अम्लमध्यम

प्रश्न 14. कौन-सा अभिकर्मक प्राथमिक ऐल्कोहॉल को ऐल्डिहाइड में ऑक्सीकृत करता है, उसे आगे कार्बोक्सिलिक अम्ल तक नहीं ले जाता?

  1. अम्लीय KMnO₄
  2. अम्लीय K₂Cr₂O₇ (आधिक्य में)
  3. PCC
  4. सांद्र HNO₃
उत्तर और हल देखें

उत्तर: (C) PCC

हलपिरिडिनियम क्लोरोक्रोमेट (PCC) एक मृदु ऑक्सीकारक है जो अजलीय विलायक में प्रयोग होता है, इसलिए अभिक्रिया ऐल्डिहाइड पर रुक जाती है।
आम गलतीKMnO₄ जैसे प्रबल जलीय ऑक्सीकारक ऑक्सीकरण को कार्बोक्सिलिक अम्ल तक ले जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस पेज पर कार्बनिक रसायन के कौन-से अध्याय हैं?

इस पेज पर ऐमीन, ऐरोमैटिक यौगिक, ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल और अम्ल, ऐल्डिहाइड और कीटोन, कार्बनिक रसायन के सामान्य सिद्धांत, जैव-अणु, समावयवता, हाइड्रोकार्बन, हैलोऐल्केन के प्रश्न हैं। प्रश्न JEE Main पैटर्न पर हैं, जिनमें बहुविकल्पीय और संख्यात्मक दोनों प्रकार हैं।

क्या ये JEE के पिछले वर्षों के प्रश्न हैं?

नहीं। ये नवीनतम पैटर्न पर लिखे गए मौलिक JEE Main स्तर के अभ्यास प्रश्न हैं, हर प्रश्न के हल और आम गलती के साथ।